
बचाव दल ने एक उल्लू के बारे में मिली कॉल पर तुरंत कार्यवाही की जो जमीन पर गिर हुआ था और उड़ने में असमर्थ था। पक्षी अक्सर पतंगबाज़ी वाले ख़तरनाक तीखे माँजे की चपेट में या जाते हैं, ऐसा माँजा जो जिस पर कांच का लेप चड़ा होता है और उसमें उलझ कर पक्षी बुरी तरह से घायल हो जाते हैं और उनके पंख तक कट जाते हैं। एनिमल राहत और PETA इंडिया लगातार ऐसे माँझे पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं और अधिकारियों को उन्हें जब्त करने में मदद कर रहे हैं। हम स्कूलों में मानवीय शिक्षा पाठ्यक्रमों में बच्चों को सिखा रहे हैं कि इस तरह की डोर से पतंगबाज़ी ना करें। यह उल्लू भी इसी तरह के पतंग की डोर में लिपटा हुआ था, सौभाग्य से, यह डोर माँजा नहीं बल्कि सूती डोरी थी। हमारा बचाव दल उसको क्लिनिक में लेकर आया फिर पशु चिकित्सकों ने सावधानी से डोरी को काट दिया, और पूरी तरह से जांच करने पर पाया कि उसकी नाजुक पंख सही थे और उसमें फ्रैक्चर नहीं हुआ था। पूरी तरह सही होने के बाद बचाव दल ने उसे वापिस खुले आसमान में उड़ने के लिए छोड़ दिया और पूरे इलाके में जाकर छानबीन की कहीं इस तरह की डोर और तो नहीं जिससे अन्य पशु पक्षी उनकी चपेट में आने से बच सकें।