एनिमल राहत की तीन सैंक्चुरियाँ हैं जो उन बचाए गए और सेवानिवृत्त पशुओं के लिए एक आरामदायक जीवन जीने का सुरक्षित और सुकूनभरा घर है जहाँ वे अपना शेष जीवन आराम और देखभाल के साथ बिता सकें।

सैंकड़ों बचाए गए पशु एनिमल राहत की सैंक्चुरीज़ को अपना घर मानते हैं, लेकिन ये जगहें सिर्फ घर भर नहीं हैं। ये सैंक्चुरीज़ ऐसे शांत स्थान हैं जहाँ पशुओं को — अक्सर अपने जीवन में पहली बार — करुणा और देखभाल मिलती है, जिसकी हक़दारी हर किसी को है। घोड़ों, बैलों और अन्य उन पशुओं की देखभाल करना, जिन्होंने अपने जीवन में सिर्फ शोषण और अत्याचार देखा है, कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि एक सैंक्चुरी चलाने में सिर्फ खाना, पानी और छाया देना ही काफी नहीं होता।

सेवानिवृत्त श्रमिक पशुओं को आराम करने, दौड़ने और खेलने की जगह देना मतलब है कई एकड़ में बाड़ लगाना और उसकी नियमित देखभाल करना। यह सुनिश्चित करना कि उन पशुओं को — जिन्हें जबरन काम करवाते समय अक्सर ताज़े पानी तक पहुँच भी नहीं मिलती थी — अब स्वच्छ पानी उपलब्ध हो, इसके लिए ज़रूरी होता है कि पानी की टंकियाँ और पाइपलाइनें सही स्थिति में बनी रहें। उपेक्षा के दर्दनाक असर से उबर रहे पशुओं की चिकित्सा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक सैंकचुरी में सुख सुविधाओं का होना अनिवार्य होता है।

यहाँ छतों की मरम्मत करनी होती है, रेत के गड्ढों और भोजन देने के स्थानों की सफाई करनी होती है, और पेड़-पौधों की देखभाल भी ज़रूरी होती है। रसोई को हमेशा साफ़ और ज़रूरी सामानों से भरपूर रखना पड़ता है। और जैसे-जैसे सैंक्चुरी में नए पशु आते हैं, उसे उनके लिए परिवेश भी तैयार करने होते हैं जैसे सड़कों और रास्तों को बेहतर बनाना और सिंचाई व्यवस्था चलाना।

एनिमल राहत की तीन सैंक्रीज़ में भी इस तरह की व्यवस्था है जो उन पशुओं के लिए जीवनदायी स्थान हैं जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। चाहे कोई पशु किसी जान बचाने वाले रेस्क्यू के बाद यहाँ पहुँचा हो, या फिर कठिन परिश्रम भरे जीवन से सेवानिवृत्त होकर आया हो, या किसी बीमारी या चोट से उबर रहा हो — हर निवासी इस बात का हक़दार है कि उसे सबसे अच्छा वातावरण और देखभाल मिले, ताकि वह अपने शेष दिन शांति और खुशी के साथ बिता सके। स्टाफ की कड़ी मेहनत के कारण, एनिमल राहत की सैंक्चुरीज़ ठीक वही देती हैं।