एनिमल राहत अभयारण्य में ‘फूलों की होली’ ने रेस्क्यू कर लाए गए पशुओं के जीवन में रंग भर दिए। खाने योग्य फूलों की पंखुड़ियों और स्नेहभरी गतिविधियों के ज़रिए उन्हें प्यार, अपनापन और खुशियां महसूस कराने की कोशिश की गई। दया और करुणा से भरे ये छोटे-छोटे प्रयास पशुओं को उनके पुराने आघातों से उबरने, इंसानों पर फिर से भरोसा करने और उस सुरक्षा व सुकून को महसूस करने में मदद करते हैं, जिससे वे लंबे समय तक वंचित रहे।
हम रवीना टंडन और राशा थडानी के समर्थन के लिए आभारी हैं, जिन्होंने इन पशुओं के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का यह खास जश्न मनाया।
होली की शुभकामनाएं!