
अभयारण्य का स्टाफ यहां रहने वाले पशुओं के हर दिन को खास बनाने की पूरी कोशिश करता है कभी फूड पज़ल्स, कभी भारतीय शास्त्रीय संगीत की महफ़िल, तो कभी स्नेहभरे ग्रूमिंग सेशन्स के ज़रिए। लेकिन राणापुर अभयारण्य के पाँच साल पूरे होने का मौका कुछ और ही खास था। इस अवसर पर ताज़े फलों, सब्जियों और खाने योग्य फूलों की मालाओं के साथ शानदार दावत सजाई गई। राणापुर अभयारण्य उन पशुओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय है, जिन्होंने अपने जीवन में अकल्पनीय कठिनाइयाँ झेली हैं। यहां आकर उन्हें पहली बार सुरक्षा, सम्मान और आज़ादी का एहसास होता है। यहां न नाक में रस्सियां हैं, न डंडों की चोट, न किसी आदेश का डर। वे अपनी मर्ज़ी से जी सकते हैं। यह खास पड़ाव उन बदली हुई ज़िंदगियों के लिए है जिन्होंने अब इस अभयारण्य को अपना घर बना लिया है।


























