एनिमल राहत ने गांवों में चेतावनी संदेश लगाए, ताकि लोग जहरीले रंगों और सींग काटने जैसी क्रूर प्रथाओं से बचें।

करवानी उत्सव के दौरान कई जगह काम करने वाले पशुओं को चमकीले रंगों से रंगा जाता है और जुलूसों में घुमाया जाता है। इस परंपरा में अक्सर जहरीले पेंट का इस्तेमाल और उनके संवेदनशील सींगों को काटना शामिल होता है, जिससे उन्हें गंभीर दर्द और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान हो सकता है।
एनिमल राहत इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार काम कर रहा है। टीम ने उन 15 गांवों का दौरा किया जहां यह उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है। वहां बैल मालिकों से बातचीत की गई, जागरूकता बैनर लगाए गए और लोगों को सुरक्षित एवं करुणामय तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया गया जैसे हानिरहित रंगों और बिना दर्द पहुंचाने वाली सजावट का उपयोग।
टीम के प्रयासों की बदौलत 1,044 पशुओं को उन पुरानी प्रथाओं से बचाया जा सका, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं, और वे बिना पीड़ा के उत्सव का हिस्सा बन सके।